HAMARI SWATANTRATA
हमारी स्वतंत्रता आज हम मनाये संग संग आजादी की वर्षगांठ का जश्न सवतंत्रता सेनानियों ने खाई थी कसम नहीं रहेंगे बेड़ियों में हम, चाहे निकले प्राण एकदम | स्वपन देखा था आजादी का सबने मिल चाहे हो आजाद, गाँधी, जवाहर , शास्त्री, भगत सिंह हो सुभाष या फिर राम प्रशाद बिस्मिल | कर दिया अपना […]
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कविता