हमारी स्वतंत्रता
आज हम मनाये संग संग
आजादी की वर्षगांठ का जश्न
सवतंत्रता सेनानियों ने खाई थी कसम
नहीं रहेंगे बेड़ियों में हम, चाहे निकले प्राण एकदम |
स्वपन देखा था आजादी का सबने मिल
चाहे हो आजाद, गाँधी, जवाहर , शास्त्री, भगत सिंह
हो सुभाष या फिर राम प्रशाद बिस्मिल |
कर दिया अपना जीवन बलिदान
पाया भारत माता की आजादी का वरदान
हम भी हे भारत की युवा शक्ति
हममे भी हे भारत माँ के लिए देश भक्ति ||
न चलेगा ईर्ष्या द्वेष अहंकार का डंडा
हम फहराएंगे भारत माँ की एकता का झंडा
याद रख उन बलिदानीयों को सदा
न भूलेंगे उन शूरवीरों की गाथा को ||
विचारों की शत्रुता से बहार निकल
हम भी फहराएंगे अपनी एकता का परचम
हमने भारत माँ से वादा है किया
वो थी उनकी पारी, अब है हमारी बारी ||
युवा शक्ति का यह सन्देश, भारत हे धर्म निरपेक्ष
हमने सुना था यह संदेश, यह किसानो का है देश
यही देना है सन्देश, भारत हे धर्म निरपेक्ष ||
हमने लिया हे देश की रक्षा का संकल्प
न इसका है कोई विकल्प
हमने लिया है देश की सेवा का संकल्प
न इसका है कोई विकल्प ||
आज हम मनाये संग संग
आजादी की वर्षगांठ का जष्न
सवतंत्रता सेनानियों ने खाई थी कसम
नहीं रहेंगे बेड़ियों में हम, चाहे निकले प्राण एकदम ||
मोनिका नौटियाल (उत्तराखण्ड)


