समंदर का पानी कुछ मीठा लगने लगा है
बहुत उजाला होने लगा है अपने इस आशियाने में, रखे हुए हैं कुछ जुगनू चलो जंगल में छोड़ आते हैं! समंदर का पानी कुछ मीठा लगने लगा है *प्रताप* यूं चुटकी भर नमक, चलो समंदर में मिला आते हैं! प्यार मोहब्बत की बातें सब करते रहते हैं ज़िन्दगी में, क्यों न किसी अजनबी को भी चलो हम हंसा देते […]
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कविता































