बेकरार रहता है ये दिल
बेकरार रहता है ये दिल अक़्सर कभी उसको देखने के लिए तो कभी उसको सुनने के लिए बिन उसके मन को कहीं पर भी अब सुकूँ नहीं मिलता जो साये की तरह साथ-साथ चलता रहता है मेरे और फिर मैं भी कभी उसका दामन नहीं छोड़ता हूँ अब दर्दे दिल की दवा भी वही और […]
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कविता



























