माॅ
माँ का रूप – राम और कृष्ण की जननी माँ तू साक्षात् करुणा की मूरत, तेरे आँचल में बसी है सृष्टि की सूरत। जैसे यशोदा ने कृष्ण को झूला झुलाया, वैसे ही तूने हर दुःख को मुस्कुरा कर भुलाया। तेरे बिना राम वनवास भीअधूरा, कौशल्या के आँचल ने दिया था धैर्य का साथ पूरा। जन्म […]

























